ट्रेफिक पुलिसकर्मी की टोपी से निकले 10 हजार रुपए:नेशनल हाइवे पर हर रोज वसूली, राज्य के बाहरी वाहनों से जबरन वसूली का धंधा

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लूणकरनसर विधायक सुमित गोदारा ने बीकानेर की यातायात पुलिस पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं। सोमवार को नेशनल हाइवे पर खड़े यातायात सिपाही की टोपी से दस हजार रुपए मिलने का दावा करने के साथ ही मंगलवार को भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगा दिए हैं। विधायक ने दावा किया है कि अकेले लूणकरनसर हाइवे पर हर रोज साठ से सत्तर हजार रुपए की अवैध वसूली की जा रही है।

 विधायक ने कहा कि सोमवार को यातायात पुलिस की गाड़ी सुबह नौ बजे से हाइवे पर वाहनों की चैकिंग कर रही थी। शाम छह बजे तक नौ घंटे में महज आठ चालान काटे गए। वहीं गाड़ी में सिपाही की टोपी से दस हजार रुपए बरामद किए गए। ये भ्रष्टाचार का बड़ा खेल है, जिसे खुद आला पुलिस अधिकारी नजरअंदाज कर रहे हैं। विधायक का आरोप है कि अकेले लूणकरनसर हाइवे पर इंटरसेप्टर का रोज का टारगेट साठ से सत्तर हजार रुपए का है, जिसमें चालीस हजार रुपए आला अधिकारियों को दिए जाते हैं, जबकि शेष रुपए कार्रवाई करने वाली टीम रखती है।

जहां एक्सीडेंट नहीं, वहां कार्रवाई

जिस एरिया में एक्सीडेंट कम होते हैं, वहां पर पुलिस ट्रकों को रोकती है। जिस एरिया में सोमवार को पुलिस ने चालान काटे, वहां कभी हादसे नहीं होते। ये लूणकरनसर से करीब चालीस किलोमीटर दूर है, इसलिए वसूली में आसानी रहती है। गोदारा ने सवाल उठाया कि जहां एक्सीडेंट होते हैं, वहां वाहनों की स्पीड चैक करें तो समझ आता है लेकिन जहां एक्सीडेंट ही नहीं, वहां चैकिंग क्यों हो रही है?

बाहरी ट्रकों से वसूली

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गोदारा का कहना है कि इस मार्ग पर पंजाब, हरियाणा, जम्मू एंड कश्मीर के ट्रक ज्यादा आते हैं। इन्हीं ट्रकों को रोककर वसूली की जाती है। कई बार तो कागज पूरे होने के बाद भी वसूली का दबाव बनाया जाता है। सोमवार को जब गोदारा यहां पहुंचे तो जम्मू कश्मीर के दो ड्राइवर ने खुद उन्हें शिकायत दर्ज करवाई कि अवैध वसूली की जा रही है।

क्या है मामला?

दरअसल, सोमवार शाम विधायक सुमित गोदारा महाजन से वापस लौट रहे थे। रास्ते में सड़क पर यातायात पुलिस की इंटरसेप्टर गाड़ी वाहनों को रोक रही थी। जब विधायक पहुंचे तो एक-दो सिपाही इधर-उधर हो गए। गोदारा ने पूछताछ की तो सही जवाब नहीं मिला। इसके बाद गाड़ी में रखी एक टोपी को देखा तो उसमें दस हजार रुपए थे। रुपए कहां से आए? इसका सही जवाब नहीं मिलने पर पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दर्ज करवाई गई। तब एडिशनल एसपी सुनील कुमार ने पहुंचकर पड़ताल की। ट्रेफिक सीआई प्रदीप चारण भी मौके पर पहुंचे।

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