बीकानेर में डेढ़ साल के बच्चे को ब्लैक फंगस, ये सबसे कम उम्र का रोगी,जानिए पूरी खबर

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श्री डूंगरगढ़ न्यूज || बीकानेर में डेढ़ साल के बच्चे में म्यूकर माइकोसिस यानी ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में भर्ती यह बच्चा एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया से पीड़ित है, जो एक तरह का ब्लड कैंसर है। सात दिन से भर्ती बच्चे के नाक के नीचे कालापन देख डॉक्टरों ने जांच करवाई तो ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। बच्चे को कैंसर वार्ड से ब्लैक फंगस वार्ड में शिफ्ट करने के साथ ही एम्फोटेरेसिन-बी इंजेक्शन शुरू किया गया है।

डॉक्टर का कहना है, एमआरआई करवाकर ये पता लगाएंगे कि फंगस कितनी गहराई तक पैठ कर चुका है। इसके अनुरूप ही सर्जरी की संभावनाओं पर भी विचार शुरू किया है। डॉक्टर्स का मानना है कि ब्लैक फंगस से प्रभावित मरीजों में यह संभवत: अब तक सबसे कम उम्र का है। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.सुरेन्द्र बेनीवाल ने बताया कि चूरू जिले के सुजानगढ़ से लाए गए इस बच्चे को एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया है।

यह एक तरह का ब्लड कैंसर है, जो छोटे बच्चों में होता है। हालांकि ऐसे केस बहुत कम होते हैं। ईएनटी के प्रोफेसर एवं ब्लैक फंगस ट्रीटमेंट टीम के प्रभारी डॉ. गौरव गुप्ता का कहना है कि मंगलवार को ही बच्चे को फंगल इन्फेक्शन वार्ड में शिफ्ट किया गया है। एमआरआई रिपोर्ट के बाद सर्जरी की संभावनाओं पर काम शुरू होगा। अभी इंजेक्शन शुरू कर दिए गए हैं।

इस बच्चे में ब्लैक फंगस की वजह कैंसर का उपचार करते हुए दी गई स्टेरॉइड हो सकती है। डॉक्टर्स का कहना है कि स्टेराॅइड कैंसर रोगी के ट्रीटमेंट का पार्ट है।

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