राजस्थान के 20 जिलों में डमी कैंडिडेट बैठा 15 लाख में की थी डील, परीक्षा के दिन कांस्टेबल से लेकर टीचर तक 60 पकड़े, 19 संदिग्ध एग्जामिनर सेंटर से हटाएं

रीट भर्ती परीक्षा में 6 लाख की चप्पल पहनकर परीक्षा देने वालो की सूची; फोटो सोर्स सोशल मिडिया
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स्टोरी हाईलाइट्स 
राजस्थान के 20 जिलों में डमी कैंडिडेट बैठा:
15 लाख में की थी डील,
परीक्षा के दिन कांस्टेबल से लेकर टीचर तक 60 पकड़े
19 संदिग्ध एग्जामिनर सेंटर से हटाएं

जयपुर राजस्थान REET परीक्षा विवादों के बीच सम्पन्न हो गई। REET परीक्षा में नकल गिरोह पूरी तरह से सर्किय रहा। प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा में पहली बार ऐसा हुआ जब कांस्टेबल से लेकर टीचर तक नकल में शामिल रहे। एसआई भर्ती नकल गिरोह का खुलासा होने के बाद रीट से पहले एसओजी एक्टिव हो गई थी। दो दिन पहले डूंगरपुर में एक सरकारी स्कूल के टीचर को गिरफ्तार किया तो राजस्थान में नकल गिरोह का नेटवर्क सामने आया। एसओजी को पहले से इनपुट मिल चुका था कि रीट में बड़े स्तर पर गिरोह सर्किय है। रविवार को परीक्षा के दिन कार्रवाई में 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। बीकानेर व सीकर में 6 लाख रुपए की चप्पल के अंदर मिनी माइक्रोचिप तो कहीं पर ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने की व्यवस्था कर रखी थी। गिरोह ने डमी कैंडिडेट्स के जरिए 10 से 15 लाख रुपए में पेपर दिलाने की सेटिंग कर रखी थी।


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परीक्षा के दिन भी जयपुर, सीकर, बीकानेर, अजमेर, दौसा, कोटा, जोधपुर, जैसलमेर, सिरोही, भरतपुर, नागौर, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, चौमूं में डमी कैंडिडेट जरिए व नकल कराने वाले गिरोह पकड़े गए है।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि REET एग्जाम में जालोर व सिरोही से ही अधिकतर नकल गिरोह के लोग पकड़े गए है। कई जगहों पर टीचर व कोचिंग संचालक भी पकड़े गए है। सिरोही में कांस्टेबल के मोबाइल में भी रीट परीक्षा का पेपर मिला है। कांस्टेबल को वॉट्सऐप चेट मिलने पर निलंबित कर दिया है। अलवर व बस्सी में सील खुले हुए पेपर मिले तो हंगामा कर दिया। पेपर भी 30 मिनट के बाद लेट मिला। पहले ओएमआर शीट दे दी गई थी। सेंटरों में 19 पर्यवेक्षकों को संदिग्ध के आधार पर हटाया है।

जयपुर : कोचिंग संचालक व टीचर पकड़े

REET एग्जाम से पहले जयपुर में कोचिंग संचालक संदीप पांडे व शिक्षक सुनील उर्फ काशी मीणा को गिरफ्तार किया है। दोनों चाय की थड़ी पर बैठकर परीक्षा को 10 से 15 लाख रुपए में पास कराने की सेटिंग कर रहे थे। दोनों को पुलिस ने फ्लैट से पकड़ लिया। चौमूं में भी करण पुत्र संतोष निवासी बक्सर, बिहार, सचदेव पुत्र महेंद्र सिंह निवासी मथुरा यूपी, श्याम सुंदर पुत्र बब्बन चंद्रवंशी निवासी नोखा, बीकानेर डमी कैंडिडेट बनकर आए थे। मूल अभ्यर्थी श्यामवीर पुत्र गणपत निवासी डीग भरतपुर, फर्जी अभ्यर्थी मिथिलेश पुत्र विजय चौहान निवासी औरंगाबाद बिहार को गिरफ्तार किया है।


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बीकानेर : चप्पल में माइक्रो चिप छिपा कर नकल

बीकानेर में कोचिंग संचालक तुलसीराम कालेर ने चप्पल के अंदर माइक्रो चिप छिपा कर नकल कराने की व्यवस्था की। चप्पल के अंदर बैटरी, सिम, मक्खी की तरह ब्लूटूथ लगाए गए। पुलिस ने मदनलाल निवासी चूरू, त्रिलोकचंद निवासी नोखा, ओमप्रकाश निवासी तालछापर, गोपाल कृष्ण निवासी चूरू, किरण निवासी रतनगढ़ को गिरफ्तार किया है। एग्जाम से दो दिन पहले ही अभ्यर्थियों को गुप्त जगह पर ले गए। वहां पर डिवाइस को उपयोग करने और नकल करने की ट्रेनिंग दी गई।

जोधपुर : फर्जी परीक्षा देने वाले 4 गिरफ्तार

पुलिस ने कोचिंग संचालक भंवरलाल निवासी बाडमेर, रमेश कुमार निवासी जालोर, रावतराम निवासी बाडमेर, अध्यापक मोहनलाल निवासी बाडमेर को गिरफ्तार किया है। भंवरलाल सरकारी अध्यापक है। वह 5 साल तक नौकरी करने के बाद 3 साल से अपसेंट चल रहा था। दो साल से मीरा गुरुकुल जोधपुर में कोचिंग चला रहा है। फोटो एडिट करके 5-5 लाख में सेटिंग की गई।

बाडमेर : परीक्षा का फर्जी आवेदन फार्म बना परीक्षार्थी बैठाया

पुलिस ने हनुमानराम निवासी चोहटन बाडमेर को गिरफ्तार किया है। हनुमानराम ने रीट के दो आवेदन कर अलग-अलग फोटो लगा रखी थी। हनुमानराम की जगह पर अशोक कुमार और जगदीश को फर्जी परीक्षा दिलाने की योजना थी। अशेाक कुमार से 10 लाख रुपए में डील की गई थी। दो लाख रुपए अशोक को एडवांस दिए गए।

अजमेर : चप्पल में ब्लूटूथ लगाकर नकल करते पकड़े

किशनगढ़ अजमेर पुलिस ने गणेशराम निवासी सांडवा चूरू को चप्पल में ब्लूटूथ लगाकर नकल करते हुए पकड़ा है। चप्पल को बीच में काट कर अंदर ब्लूटूथ डिवाइस, एयरटेल की सिम लगा रखी थी। जिसके जरिए सेंटर में जाकर नकल करने की योजना थी।

दौसा : डमी कैंडिडेट बैठाकर नकल

पुलिस ने रमेश निवासी सिकंदरा दौसा, करण सिंह निवासी नादौती करौली, दशरथ सिंह निवासी सिकंदरा दौसा, सुमेर निवासी मानपुरा दौसा को गिरफ्तार किया है। इनकी कार से 5 लाख रुपए मिले। इन्होंने डमी कैंडिडेट बनाकर सेंटर में परीक्षा देने की सेटिंग की थी। इनके मोबाइल की चेटिंग में लेनदेन का रिकॉर्ड मिला है।


भीलवाड़ा : डमी कैंडिडेट बनाकर दिलाई परीक्षा

अशोक, देवाराम व किशन सिंह निवासी सांचोर को गिरफ्तार किया है। अशेाक ने एडमिट कार्ड में फोटो लगाकर देवाराम की जगह पर डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा दे दी थी। दूसरी पारी में सेंटर से बाहर निकल कर भागते समय पकड़ा गया। वह किशन का पेपर देने जा रहा था। 8 लाख रुपए में अशोक ने सेटिंग की थी।

जयपुर ग्रामीण : डमी कैंडिडेट बनाकर कई सेंटरों से 10 पकड़े

जयपुर पुलिस ने मनोहरपुर में प्रकाश निवासी बाडमेर, सरस्वती निवासी जालोर, सरस्वती निवासी बाडमेर को पकड़ा है। रेनवाल में विनोद कुमार, सागरमल निवासी रेनवाल, यशपाल निवासी जोबनेर, महादेव निवासी फुलेरा, मनफूल निवासी फुलेरा को पकड़ा है। सेंटरों पर डमी कैंडिडेट बनाकर बैठाया गया था। जयपुर में सेंटरों से 19 पर्यवेक्षकों को संदिग्ध मानकर हटाया गया है।

भरतपुर : नौकरी का झांसा देकर ठगी के 5 आरोपी पकड़े

पुलिस ने डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी का झांसा देकर ठग गिरोह का डिकॉय ऑपरेशन कर खुलासा किया। पुलिस ने लक्ष्मण सिंह निवासी कुम्हेर, पीतम सिंह निवासी डीग, वीरभान सिंह निवासी लखनपुर, संतोष गुर्जर निवासी मलारना डूंगर, प्रमोद कुमार निवासी धौलपुर को गिरफ्तार किया है। लक्ष्मण सिंह कोचिंग संचालक है। नौकरी का झांसा देकर युवकों से 10 लाख रुपयों की मांग की। डमी कैंडिडेट बैठा दिए

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