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लड़की के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर एक लड़के का बनाया अश्लील वीडियो ब्लैकमेल करने से युवक ने परेशान होकर की आत्महत्या

अविनाश नाम के युवक के साथ लड़की बनकर फेसबुक के माध्यम से दोस्ती की। उसके साथ चैट की। बाद में उसके अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

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श्रीडूंगरगढ़ न्यूज़ – भरतपुर जिले में कैथवाड़ा के गांव रसूलपुर में मंगलवार को पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया। इनके नाम जावेद और रॉबिन है। राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार करके इन्हें बेंगलुरु पुलिस को सौंप दिया। दोनों आरोपियों ने बेंगलुरु में रहने वाले अविनाश नाम के युवक के साथ लड़की बनकर फेसबुक के माध्यम से दोस्ती की। उसके साथ चैट की। बाद में उसके अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अविनाश से लाखों रुपए अपने खाते में डलवा लिए। इससे परेशान होकर अविनाश ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था।

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इस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने जांच की तो भरतपुर के आरोपियों का नाम सामने आया। इसके बाद वहां की पुलिस ने भरतपुर एसपी देवेंद्र विश्नोई से संपर्क किया। मंगलवार को भरतपुर पुलिस ने रसूलपुर गांव से जावेद पुत्र रहमान और रॉबिन पुत्र भरतू मेव को पकड़कर बेंगलुरु पुलिस के हवाले कर दिया।

युवक के वीडियो बनाकर कर रहे थे ब्लैकमेल

पुलिस ने बताया कि बेंगलुरु के रहने वाले अविनाश के पास इसी साल 21 मार्च को सोशल मीडिया आईडी से रिक्वेस्ट आई। जिसे उसने स्वीकार कर लिया। अविनाश बेंगलुरु में रहकर आईएएस की तैयारी कर रहा था। ठगों ने लड़की बनकर अविनाश से ऐप के जरिए चैटिंग की। इस दौरान उसके कुछ अश्लील वीडियो बना लिए। कुछ दिनों बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने को लेकर अविनाश को धमकाया जाने लगा। अपने खाते में रुपए डालने का दबाव बनाया गया। अविनाश ने इन ठगों के दबाव व बदनामी के डर से इनके विभिन्न खातों में किश्तों के जरिए लाखों रुपए जमा करा दिए।

वीडियो वायरल करने की दे रहे थे धमकी

ठग लगातार अविनाश से और रुपयों की मांग करने लगे। वीडियो वायरल करने की भी धमकी दी। इससे परेशान होकर अविनाश ने गले मे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी मौत से परिवार सदमे में आ गया। पुलिस जांच में उसके मोबाइल की जांच की तो पूरा मामला सामने आया। पुलिस को मोबाइल में उसका सुसाइड नोट मिला। इसमें उसको प्रताड़ित करने वालों के नंबर और खाता नंबर थे। साथ ही जिन्हें रुपए डाले थे उनका हवाला दिया गया था। सभी मोबाइल नंबर एवं खाते फर्जी थे।

बेंगलुरु पुलिस को ठगों के मोबाइल की लोकेशन कैथवाड़ा के गांव रसूलपुर में मिली। इसके बाद भरतपुर एसपी से संपर्क कर ठगों को पकड़ा गया