WhatsApp Channel Click here Join Now

शीतकालीन अवकाश में निजी विद्यालयों को पूर्णतया बंद न रखने को लेकर कलेक्टर को शिकायत

विज्ञापन

चूरू- भारत के सबसे ठंडे जिलों में शामिल चूरू जिला शीत लहर के प्रकोप से गम्भीर हालातो से जूझ रहा है तो एक तरफ निजी विद्यालयों की मनमानी पर।

Google Ad

अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति ,चूरू के जिला सलाहकार संतलाल भारी ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजते हुए निजी विद्यालयों की मनमानी पर रोक लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में उल्लेख किया है कि शीतकालीन छुट्टियों में निजी विद्यालयों द्वारा नियम विरुध्द विद्यालय का संचालन कर विद्यालय के विद्यार्थियों का मानसिक,शारीरिक,आर्थिक शोषण किया जाता है। अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को लाने के लिए बाल वाहिनियां भी नही भेजी जाती है जिससे विद्यार्थी स्वयं के ख़र्चे पर 50 किलोमीटर तक सफर तय करते है जिससे दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।

पत्र में निजी शिक्षकों के शोषण का उल्लेख करते हुए संतलाल भारी ने कहा शिक्षक सरकारी हो या निजी दोनो ही राष्ट्र के स्तम्भ होते है निजी शिक्षको को अवकाश न देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। इस कड़ाके की ठंड में विद्यार्थियों को नियम विरुध्द बुलाना शिक्षा विभाग के नियमो की अवेहलना है।अतः शीतकालीन अवकाश में विद्यालय लगाने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।