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Budget 2022 Expectations: क्या बजट में राजस्थान के किसानों की उम्मीदें होंगी पूरी ?

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Union budget of India: आज पेश होने वाले आम बजट से किसानों (Farmers) को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Finance Minister Nirmala Sitharaman) कुछ ऐसा ऐलान करेंगी, जिससे उनकी आमदनी में इज़ाफा होगा. MSP को लेकर सरकार बजट में कोई बड़ा ऐलान कर सकती है. किसान आंदोलन खत्म हो चुका है लेकिन किसान सरकार के बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं. किसानों को उम्मीद है कि बजट 2022 में सरकार खेती के लिए दिए जाने वाले कर्ज़ का टारगेट बढ़ाएगी ताकि किसानों को आसानी से लोन मिल सके.

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बजट से किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी पराली को बिजली बनाने में इस्तेमाल करने की तकनीक पर खर्च बढ़ाएगी. इसके अलावा किसानों को उम्मीद है कि सरकार वास्तविक लागत के आधार पर एमएसपी तय करने पर बल देगी. इसके अलावा किसानों को उम्मीद है कि सरकार दूध उत्पादकों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान करें. खेती ही ऐसा सेक्टर है जो कोरोना काल में भी तेजी से बढ़ रहा था और किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी आय दोगुनी करने के लिए बड़े कदम जरूर उठाएगी.

आम बजट से राजस्थान के किसानों को उम्मीद

  • राजस्थान में सरसों की पैदावार बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर योजना
  • बारानी पड़ी जमीन को समतल करने के लिए किसान को लागत की 80% सब्सिडी
  • मिट्टी और पानी के अनुसार राजस्थान में होने वाले मौसम का ख्याल रखकर बीज पर रिसर्च करवाई जाए
  • किसान को सरसों की खेती के लिए आवश्यक उपकरणों पर अधिक सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान हो
  • राजस्थान से भारत के अन्य प्रदेशों में सरसों तेल पहुंचाने के लिए रेलवे पीस मिल बुकिंग डिब्बा दोबारा चालू करें
  • सरसों तेल में वेल्यू एडिशन के लिए सरसों तेल उत्पादन करने वाली मशीनों, पैकिंग मैटेरियल और लेबोरेट्री सिस्टम के लिए सब्सिडी का प्रावधान किया जाए
  • किसान और कारखानेदार को ट्रेनिंग देने के लिए ट्रेनिंग सेन्टर खोले जाएं
  • कच्ची घाणी को प्रोत्साहन देने के लिए कोल्हू पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाए
  • खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिले प्रोत्साहन
  • कृषि जिंस की पैदावार जिलों में उद्योग लगाया जाएं, रोडमैप तैयार किया जाए
  • रामगंजमण्डी और कोटा में धनिए-लहसुन की खेती को प्रोत्साहित किया जाए
  • धनिया भण्डारण और प्रसंस्करण के लिए लगने वाले उद्योगों को 40% सब्सिडी दी जाए
  • मेड़ता, नागौर और जोधपुर में वेल्यू एडिशन के साथ उद्योगों को 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाए
  • नागौर, नोखा, सांचौर, बाड़मेर में ईसबगोल के उद्योग लगाने पर 40% दी जाए
  • सोजत सिटी और आसपास मेहंदी पाउडर निर्माण उद्योगों को 40% दी जाए
  • दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों से मिलकर योजना बनाई जाए
  • कृषि उद्योगों पर बैंकों का टर्म लोन, वेयरहाउसिंग और सी.सी. लिमिट को लेकर राहत मिले
  • उद्योगों के लिए ट्रेण्ड स्किल्ड लेबर की व्यवस्था के लिए प्रशिक्षण केन्द्र खोले जाएं
  • एन.सी.डी.ई.एक्स. से सभी कृषि जिंसों को बाहर किया जाना चाहिए
  • राजस्थान में बोए जाने वाले बाजरे का सीड राजस्थान में ही तैयार किया जाए
  • ई-नाम व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए
  • केन्द्र सरकार द्वारा ई-नाम योजना को धरातल पर लागू किया जाए
  •  मंडियों में ढोम बनाए जाए जिससे किसानों की फसल सुरक्षित रहें
  • मंडी टैक्स को लेकर एक देश एक व्यवस्था लागू की जाए
  • मंडियों में ग्रेडिंग और क्लीनिंग की व्यवस्था की जाए
  • मंडियों के पास वेयर हाउसेज और कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाएं
  • मंडियों के नजदीक ही पैदावार के अनुसार उससे संबंधित उद्योग लगाए जाएं
  • मंडियों में व्यापारी सभा-स्थल, किसान सभा-स्थल, श्रमिक सभा-स्थल के निर्माण किए जाएं