श्री डूंगरगढ़ न्यूज़|| नोखा के सोमलसर गांव में रहने वाले सेना के जवान का शव जम्मू के रेलवे स्टेशन पर मिला है। ये जवान 31 दिसम्बर को ही रिटायर होने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही बीकानेर से जाते हुए जम्मू में उनका शव मिलने से नोखा में शोक की लहर छा गई। सोमवार सुबह तक शहीद का शव नोखा पहुंचने की संभावना है।
शहीद का शव तिरंगे में नोखा के लिए रवाना हो चुका है।
सोमलसर गांव के सरपंच रुपाराम सारण ने पत्रकारों को बताया कि तीस नवंबर को बजरंग लाल लेघा सेना से रिटायर होने वाले थे। पिछले दिनों सोमलसर आकर अपने रिटायरमेंट के कागजात तैयार किए थे। वो अंतिम ड्यूटी देने के लिए जम्मू गए थे। नोखा से वापस जम्मू लौटते वक्त उनके पास भारी सामान था। रेलवे स्टेशन पर उनका शव मिलने के बाद GRPF ने उनके परिजनों को सूचना दी। बजरंगलाल सेना की जिस रेजीमेंट में तैनात थे, वो जम्मू से भी चार सौ फीट ऊपर बर्फ में तैनात थी। यहां उनके पास मिसाइल को ऑपरेट करने का काम था।

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पैर में था फ्रैक्चर
कुछ समय पहले एक एक्सीडेंट में ही बजरंग लाल का एक पैर फैक्चर हो गया था। इसी कारण वो ज्यादा तेज नहीं चल पाते थे। पैरों में दिक्कत होने के बाद भी वो देश की सेवा में जुटे हुए थे।
31 दिसम्बर को रिटायर होना था
31 दिसम्बर को बजरंग लाल को रिटायर होना था। सेना में चौबीस साल की सेवा पूर्ण होने के बाद रिटायरमेंट की खुशी थी। वो अपने तमाम कागज पूर्ण करने के बाद जम्मू गए थे। रिटायरमेंट का कार्यक्रम करने का मानस था, लेकिन अब मातम छा गया है।
भाई है लूणकरनसर थाने में
बजरंग लाल के भाई राम लाल लेघा अभी लूणकरनसर थाने में हेड कांस्टेबल के रूप में काम कर रहे हैं। रामलाल ही उनकी बॉडी लेने के लिए जम्मू गए हैं। जो रविवार शाम तक अमृतसर पहुंच चुके थे। सोमवार को ही बजरंग लाल का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले बीकानेर पहुंचने पर रविवार को बीकानेर में केप्टन चंदर चौधरी सर्किल पर उन्हें सलामी दी जाएगी। तिरंगे में लिपटा उनका शव अमृतसर से निकल चुका है।