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राजस्थान: गरमाई हुई है ‘वैक्सीन पॉलिटिक्स’, गहलोत सरकार को चौतरफा घेर रही BJP

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रेमडेसिविर की किल्लत (फाइल फोटो)

प्रदेश में वैक्सीन की बर्बादी मामले को लेकर सियासत गरमाई हुई है।भाजपा इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाते हुए गहलोत सरकार को चौतरफा घेरने और दबाव बनाने में जुटी हुई है। इसी क्रम में आज एक बार फिर भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार को आड़े हाथ लिया है। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा है कि यह पहली बार है जब संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल कलराज मिश्र ने सैद्धान्तिक रूप से सहमत होकर कोरोना वैक्सीन की बर्बादी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है।

उन्होंने कहा एक तरफ राज्यपाल सरकार से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं जबकि राज्य की कांग्रेस सरकार सारी मर्यादाएं तोड़कर वैक्सीन पॉलिटिक्स में व्यस्त है।

राठौड़ ने कहा कि राज्यपाल से पहले केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने भी राज्य सरकार को पत्र लिखकर वैक्सीन की बर्बादी रोकने का आग्रह किया था। साथ ही थर्ड पार्टी से उच्चस्तरीय जांच की भी बात कही थी। ऐसे में उम्मीद है कि अब तो सरकार चेतते हुए इस ओर कुछ गंभीर रुख अपनाएगी।

 

कांग्रेस पार्टी को निशाने पर लेते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि कोरोना काल में भी कांग्रेस नेता राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं।इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता कि सरकार के मंत्रियों को जिला कलेक्टरों को ज्ञापन देना पड़ रहा है। कांग्रेस, ज्ञापन देने की नौटंकी करने की बजाय कोरोना प्रबंधन पर ध्यान दे तो बेहतर है।

 

राज्यपाल ने लिखा सीएम को पत्र, उच्च स्तरीय जांच के निर्देश
राज्यपाल कलराज मिश्र ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर कोविड के जीवन रक्षक टीके की बर्बादी के संबंध में ध्यान आकृष्ट करते हुए इस संबंध में प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य सरकार को प्रदेश में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति को रोके जाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर टीके की प्रत्येक डोज को एक.एक व्यक्ति का रक्षा कवच समझ उसका सदुपयोग करने की दिशा में कार्यवाही करने का भी कहा।

 

मिश्र ने कोविड.19 के कारण उत्पन्न हुई राष्ट्रव्यापी विपदा के इस काल में नागरिकों के जीवन को बचाने के लिए वैक्सीन को ही एकमात्र सटीक उपाय बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करवाने के लिए सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन जीवन रक्षक टीके के बर्बादी के संबंध में प्रकाशित समाचार गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार स्तर पर प्रभावी कार्यवाही किए जाने और प्रकरण के संबंध में की जाने वाली कार्यवाही से उन्हें यथाशीघ्र अवगत कराने की भी अपेक्षा जता