सीकर. कोरोना की तीसरी लहर से पहले सरकार ने टूटती सांसों को जोडऩे के लिए शेखावाटी के 13 ऑक्सीजन प्लांटों को धरातल पर लाने की कवायद तेज कर दी है।

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श्री डूंगरगढ़ न्यूज़ सीकर.(राकेश रैबारी  )  कोरोना की तीसरी लहर से पहले सरकार ने टूटती सांसों को जोडऩे के लिए शेखावाटी के 13 ऑक्सीजन प्लांटों को धरातल पर लाने की कवायद तेज कर दी है। इसके तहत स्वायत्त शासन विभाग की ओर से कार्यादेश जारी कर दिए है। स्वायत्त शासन विभाग की ओर से पहले चरण में स्वीकृत प्लांटों का काम शुरू भी हो गया है। दूसरे चरण में स्वीकृत प्लांटों का काम जून महीने में शुरू होगा। इन प्लांटों का काम अगले महीने तक शुरू होगा। सरकार का दावा है कि जुलाई महीने तक यह प्लांट बनकर तैयार हो जाएंगे। इससे राजकीय अस्पतालों में बेड पर पाइप के माध्यम से या सिलेंडर के माध्यम में हर दिन ऑक्सीजन पहुंचाई जा सकेगी। इस योजना के तहत सीकर जिले में पांच ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने है। इसके अलावा सीकर जिले के दो प्लांटों के कार्यादेश जून महीने तक जारी होंगे। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी होने पर सरकार ने प्रदेश के अस्पतालों में स्वायत्त शासन विभाग की ओर से प्लांट स्थापित करने की मुहिम शुरू की थी। इधर, शिक्षा मंत्री ने भी इस मामले में ट्वीट कर लिखा कि सरकार ने इस अभियान में सीकर जिले को सबसे ज्यादा प्राथमिकता मिली है।

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ऑक्सीजन के मामले में सीकर होगा आत्मनिर्भर
सीकर जिले में जुलाई महीने तक दस ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने की संभावना है। वहीं पीएम केयर फंड से एसके अस्पताल में बना ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया है। ऐसे में सीकर जिला जुलाई महीने तक ऑक्सीजन के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर होगा।

कहां के प्लांट की कितनी क्षमता

सीकर व झुंझुनूं 150 सिलेंडर

लक्ष्मणगढ़: क्षमता: 75 सिलेंडर

नीमकाथाना: 100 सिलेंडर

चूरू, रींगस, फतेहपुर शेखावाटी, रतनगढ़, सरदारशहर, नवलगढ़, पिलानी, रतनगढ़: 50 सिलेंडर

पलसाना में बनेगा सीकर का प्लांट
सीकर जिले की जनता के जज्बे के दम पर बनने वाला ऑक्सीजन प्लांट अब पलसाना में स्थापित होगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने मुम्बई की एक कंपनी को वर्क ऑर्डर दे दिया है। पहले जनता के सहयोग से स्थापित होने वाला ऑक्सीजन प्लांट मेडिकल कॉलेज में स्थापित होना था। लेकिन राज्य सरकार ने मेडिकल कॉलेज के लिए अलग से ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत कर दिया है। ऐसे में प्रशासन ने जन सहयोग से स्थापित होने वाले प्लांट को पलसाना में लगवाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। इसको सरकार ने मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट के लिए पलसाना रीको में जमीन आवंटन भी कर दिया है। सिविल वर्क के लिए जिला प्रशासन ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अलावा निजी कंपनियों से भी प्रस्ताव मांगे है। इनमें से किसी एक को जल्द सिविल वर्क व फाउण्डेशन का कार्य दिया जाएगा। आमजन के सहयोग से जिला प्रशासन ने अब तक लगभग तीन करोड़ रुपए की राशि एकत्रित कर ली है। राज्य सरकार ने जिला प्रशासन की ओर से कंपनी के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई है। पलसाना में सीकर की जनता के सहयोग से स्थापित होने वाले प्लांट से रोजाना 650 सिलेंडर रिफिल हो सकेंगे।

इसलिए चुना पलसाना रीको को
ऑक्सीजन प्लांट के भविष्य के उपयोग को देखते हुए प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के बाद अन्य विकल्प तलाशे थे। जिला मुख्यालय के रीको में ऑक्सीजन से जुड़ी इकाई कम होने की वजह से इस प्रोजेक्ट के लिए पलसाना रीको को सबसे बेहतर विकल्प माना गया।

बिजली व पानी के कनेक्शन भी तत्काल मिल सकेंगे

पलसाना रीको में ऑक्सीजन प्लांट लगने से बिजली व पानी के कनेक्शन तत्काल मिल सकेंगे। क्योंकि यहां पहले से दोनों लाइन बिछी हुई है। प्लांट का काम जून महीने के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।

राजस्थान में इस तरह का पहला प्रोजेक्ट: कलक्टर

कोरोनाकाल में सिर्फ जनता के सहयोग से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने का संभवतया पूरे राजस्थान में सीकर ही एकमात्र उदाहरण है। इससे सीकर के हर व्यक्ति का दिल खोलकर सहयोग मिल रहा है। अब सीकर ऑक्सीजन के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अवचिल चतुर्वेदी, जिला कलक्टर, सीकर