हीरे निकालने के लिए पेड़ काटने का विरोध, युवाओं ने छेड़ा अभियान

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श्री डूंगरगढ़ न्यूज़।।बकस्वाहा के जंगल से हीरा निकालने के लिए 2.15 लाख पेड़ काटे जाने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। इसका विरोध स्थानीय स्तर पर शुरू हो गया है। इसके विरोध में देश के युवाओं ने इंटरनेट मीडिया पर अभियान छेड़ दिया है

युवाओं ने कहा कि कोरोना महामारी ने हमें सिखा दिया कि जीवन बचाने के लिए पैसा नहीं ऑक्सीजन चाहिए। ऐसे में हम अपने क्षेत्र के पेड़ किसी भी सूरत में नहीं काटने देंगे।

बबकस्वाहा के जंगल में 3.42 करोड़ कैरेट के हीरे 2.15 लाख से ज्यादा पेड़ काटकर निकाले जाएंगे। बकस्वाहा क्षेत्र में जहां पर सबसे अधिक हीरे हैं, वहां पर घना जंगल है। यहां नाले के दोनों ओर सागौन, अर्जुन, शीशम, जामुन, बेल, पीपल, तेंदू, बहेरा सहित अन्य औषधीय व जीवन उपयोगी पेड़ हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि जो 2.15 लाख पेड़ काटे जाने हैं, इनमें 40 हजार पेड़ सागौन के हैं। अर्जुन के पेड़ भी करीब 10 से 12 हजार हैं। यहां 382.131 हेक्टेयर जमीन में घना जंगल है। इस जंगल में कई विलुप्त प्रजाति के जानवर भी मिलते हैं। देश के युवाओं ने कहा कि यहां पर सेही, हिरन, बारहसिंगा, लोमड़ी, बंदर, काले मुंह के बंदर, चिंकारा, मोर, गिलहरी, लकड़बग्घा, जंगली कुत्ते बड़ी संख्या में हैं। जंगल काटे जाने से इनका जीवन भी खतरे में पड़ जाएगा।

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