PBM अस्पताल के 20 वेंटिलेटर कबाड़ में थे, दिल्ली से भेजे गए इंजीनियर ने युवाओं के साथ मिल 24 घंटे में चालू किए पांच पुराने भी ठीक करने में जुटे

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श्री डूंगरगढ़ न्यूज बीकानेर||  पिछले एक महीने में कोरोना से दर्जनों लोगों की मौत सिर्फ वेंटिलेटर की कमी के कारण हो गई। वहीं, PBM अस्पताल और जिला प्रशासन कबाड़ में पड़े पीएम केयर फंड के वेंटिलेटर्स को शुरू नहीं करवा पाया। दो दिन पहले जब क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को इसका पता चला तो दिल्ली से एक टीम भेजकर सभी वेंटिलेटर्स इंस्टॉल करवा दिए। एक-दो दिन में इनका उपयोग शुरू हो जाएगा।

बीकानेर को PM केयर फंड से दिसम्बर 2020 में चालीस वेंटिलेटर मिले थे। इनमें से बीस वेंटिलेटर तो इंस्टॉल करवा लिए, लेकिन शेष बीस को वैसे ही छोड़ दिया। जो बीस चालू कराए थे, उनमें भी पांच खराब हो गए। ऐसे में पच्चीस वेंटिलेटर्स का कोई उपयोग नहीं हो रहा था। पिछले दिनों यह जानकारी केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल को मिली। उन्होंने दिल्ली में वेंटिलेटर की कंपनी के MD से बात की। कंपनी ने एक इंजीनियर को सड़क मार्ग से बीकानेर भेजा।

इंजीनियर को कुछ साथियों की जरूरत थी तो मेघवाल ने बीकानेर के रोहिताश बिस्सा से इस संबंध में बातचीत की। रोहिताश ने अपने कुछ मित्रों के साथ मिलकर दिल्ली से आए इंजीनियर का सहयोग किया। महज चौबीस घंटे में बीस वेंटिलेटर तैयार कर दिए गए हैं। सभी वेंटिलेटर अब इंस्टॉल हो चुके हैं। कंपनी से हरी झंडी मिलने के साथ ही इन्हें रोगियों के लिए उपलब्ध करा दिया जायेगा। इंजीनियर्स की इस टोली ने दिनरात मेहनत करके आखिरकार बीकानेर में बीस नए वेंटिलेटर्स को शुरू कर दिया।

तय समय में काम पूरा करने की खुशी में इंजीनियर्स

पांच पुराने भी ठीक होंगे
PM केयर फंड से आये पांच अन्य वेंटिलेटर भी दुरुस्त किए जा रहे हैं। छोटी-छोटी तकनीकी खामियों के कारण यह वेंटिलेटर भी उपयोग में नहीं आ रहे थे। अब इनके दुरुस्त होने से PBM हॉस्पिटल को 25 वेंटिलेटर मिल जाएंगे। इससे काफी राहत मिलेगी।

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सांसद की लगातार नजर
इन वेंटिलेटर्स को शुरू कराने के लिए मेघवाल ने न सिर्फ अधिकारियों से बातचीत की बल्कि यहां आए इंजीनियर्स और उनकी टीम से भी लगातार संपर्क में रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री ने बार-बार फोन व वीडियो कॉल करके इनका हौसला बढ़ाया। इसी उत्साह में युवा इंजीनियर्स ने महज चौबीस घंटे में बीस से ज्यादा नए वेंटिलेटर्स तैयार कर दिए।

ये थी इंजीनियर्स की टीम

इस टीम में इंजीनियर रोहिताश्व बिस्सा, ओजस्वी बिस्सा, आशीष सोलंकी,गणेश सियाग , प्रदीप तंवर थे पीबीएम हॉस्पिटल से डॉ मो. यूनुस और टेक्निकल सहयोगी रतन सिंह भी थे। वेंटीलेटर बनाने वाली कंपनी से फैयान रजन ने मिल कर लगातर 20 घण्टे काम किया। सभी बीस वेंटीलेटर ठीक कर दिए गए और शेष पांच को ठीक करने का सिलसिला आज सुबह शुरू हो गया। लगभग सभी वेंटिलेटर अब उपयोग में लिए जा सकते हैं। ये सभी पीबीएम अस्पताल की एमसीएच विंग में लगाये जायेंगे।

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